भारत के प्रमुख बंदरगाहों का निगमीकरण
4 मई 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
कमराजार (एन्नोर) — भारत का पहला निगमीकृत प्रमुख बंदरगाह; भारत में 12 प्रमुख बंदरगाह।
क्या हुआ
भारत के प्रमुख बंदरगाहों के निगमीकरण (corporatisation) पर चर्चा हुई। निगमीकरण का अर्थ है बंदरगाह न्यासों (port trusts) को कंपनी की तरह स्वायत्त बोर्ड-संचालित संस्थाओं में बदलना, ताकि दक्षता, निवेश व निर्णय-गति बढ़े। प्रमुख बंदरगाह प्राधिकरण अधिनियम, 2021 ने पुराने प्रमुख बंदरगाह न्यास अधिनियम 1963 का स्थान लिया और बंदरगाहों को अधिक स्वायत्तता दी। भारत में 12 प्रमुख बंदरगाह केंद्र सरकार के अधीन हैं। यह सागरमाला कार्यक्रम व बंदरगाह-आधारित विकास से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1प्रमुख बंदरगाहों का निगमीकरण।
- 2बंदरगाह न्यास → स्वायत्त बोर्ड-संचालित संस्थाएँ।
- 3प्रमुख बंदरगाह प्राधिकरण अधिनियम 2021।
- 4भारत में 12 प्रमुख बंदरगाह (केंद्र अधीन)।
- 5सागरमाला; बंदरगाह-आधारित विकास।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
प्रमुख बंदरगाह प्राधिकरण अधिनियम, सागरमाला व लैंडलॉर्ड मॉडल अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।
स्थायी GK: प्रमुख बंदरगाह प्राधिकरण अधिनियम 2021 (1963 का स्थान)। 12 प्रमुख बंदरगाह (केंद्र अधीन)। सागरमाला कार्यक्रम। नोडल — पत्तन, पोत परिवहन व जलमार्ग मंत्रालय।