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अंतर्राष्ट्रीय

मक्का संयुक्त रक्षा समझौता

10 अगस्त 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

मक्का समझौता सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच सामूहिक रक्षा का एक नया त्रिपक्षीय ढांचा है।

क्या हुआ

मक्का संयुक्त रक्षा समझौता (MJDA) पश्चिम एशिया में बदलते सुरक्षा ढांचे का प्रतीक है। यह समझौता सितंबर 2025 के सऊदी-पाकिस्तान समझौते पर आधारित था, जिसमें अगस्त 2026 में तुर्की शामिल हुआ। इसके तहत तीनों देशों में से किसी पर भी सशस्त्र हमला सभी के विरुद्ध माना जाएगा। यह NATO के अनुच्छेद 5 के समान है लेकिन इसकी परिचालन संरचना स्पष्ट नहीं है। समझौते में संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण, सैन्य अभ्यास और खुफिया साझाकरण शामिल है। यह पृथक अमेरिकी सुरक्षा छत्र से परे क्षेत्रीय स्वायत्तता की ओर एक महत्वपूर्ण बदलाव दर्शाता है।

मुख्य तथ्य

  1. 1हस्ताक्षरकर्ता: सऊदी अरब, तुर्की, पाकिस्तान (अगस्त 2026)
  2. 2सिद्धांत: एक पर हमला = सभी पर हमला (NATO अनुच्छेद 5 जैसा)
  3. 3तंत्र: संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण, सामरिक खुफिया साझाकरण
  4. 4संदर्भ: पश्चिम एशियाई तनाव और अमेरिकी सुरक्षा पर निर्भरता कम करना

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

MJDA भारत की पश्चिम एशियाई रणनीति, भारत-सऊदी संबंध और भारतीय महासागर सुरक्षा के लिए निहितार्थ।

स्थायी GK: NATO अनुच्छेद 5: 1949 के उत्तरी अटलांटिक संधि का सामूहिक रक्षा प्रावधान।

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