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राष्ट्रीय · राजव्यवस्था

मणिपुर विधानसभा संवैधानिक गतिरोध

4 फरवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

अनुच्छेद 174 — राज्यपाल विधानसभा को सत्रावसान/भंग कर सकते हैं; मणिपुर में राष्ट्रपति शासन (2025)।

क्या हुआ

मणिपुर विधानसभा के संवैधानिक गतिरोध की चर्चा हुई। संविधान के अनुच्छेद 174(1) के अनुसार, विधानसभा के दो सत्रों के बीच छह माह से अधिक का अंतराल नहीं होना चाहिए — अन्यथा संवैधानिक संकट उत्पन्न होता है। मणिपुर में जारी जातीय हिंसा व राजनीतिक अस्थिरता के बीच विधानसभा सत्र न बुलाने/राष्ट्रपति शासन के संदर्भ में यह मुद्दा उठा। अनुच्छेद 356 (राष्ट्रपति शासन) तब लागू होता है जब किसी राज्य में संवैधानिक तंत्र विफल हो जाए। राज्यपाल की भूमिका, संघवाद व लोकतांत्रिक प्रक्रिया इसमें केंद्रीय हैं। यह संवैधानिक प्रावधानों व केंद्र-राज्य संबंधों से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1मणिपुर विधानसभा का संवैधानिक गतिरोध।
  2. 2अनुच्छेद 174 — सत्रों के बीच 6 माह से अधिक अंतराल नहीं।
  3. 3जातीय हिंसा व राजनीतिक अस्थिरता।
  4. 4अनुच्छेद 356 — राष्ट्रपति शासन।
  5. 5राज्यपाल की भूमिका; केंद्र-राज्य संबंध।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

अनुच्छेद 174/356, राष्ट्रपति शासन व राज्यपाल की भूमिका राजव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।

स्थायी GK: अनुच्छेद 174 — सत्रों के बीच 6 माह का नियम। अनुच्छेद 356 — राष्ट्रपति शासन (संवैधानिक तंत्र की विफलता)। राज्यपाल; एस.आर. बोम्मई वाद।

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