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राष्ट्रीय · अर्थव्यवस्था

EPM के तहत बाज़ार पहुंच दिशानिर्देश अधिसूचित

2 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

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बाज़ार पहुंच दिशानिर्देश — MSME निर्यातकों को व्यापार मेलों, ब्रांडिंग, अनुपालन में सहायता।

क्या हुआ

निर्यात संवर्धन मिशन (EPM) के तहत 'बाज़ार-पहुँच दिशानिर्देश' (Market Access Guidelines) की अधिसूचना की चर्चा हुई। निर्यात संवर्धन मिशन भारत के निर्यात को बढ़ाने व वैश्विक बाज़ारों में प्रवेश को आसान बनाने की एक रूपरेखा है। 'बाज़ार-पहुँच दिशानिर्देश' निर्यातकों (विशेषकर MSME) को नए/कठिन विदेशी बाज़ारों तक पहुँचने में सहायता देते हैं — व्यापार-मेले/प्रदर्शनियाँ, अंतरराष्ट्रीय मानक/प्रमाणन-अनुपालन, गुणवत्ता, ब्रांडिंग, बाज़ार-अनुसंधान व वित्तीय-सहायता। इसका उद्देश्य निर्यात-विविधीकरण, गैर-शुल्क बाधाओं को पार करना व 'मेक इन इंडिया' उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना है। यह व्यापार नीति, MSME व निर्यात-संवर्धन से जुड़ता है। यह अर्थव्यवस्था से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1EPM के तहत बाज़ार-पहुँच दिशानिर्देश अधिसूचित।
  2. 2निर्यातकों (MSME) को विदेशी बाज़ार-पहुँच सहायता।
  3. 3व्यापार-मेले, मानक/प्रमाणन-अनुपालन, ब्रांडिंग।
  4. 4निर्यात-विविधीकरण; गैर-शुल्क बाधाएँ पार करना।
  5. 5मेक इन इंडिया उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

EPM, बाज़ार पहुंच व MSME निर्यात अर्थव्यवस्था में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: EPM बाज़ार-पहुँच दिशानिर्देश — निर्यातकों (MSME) को विदेशी बाज़ार पहुँच; व्यापार-मेले, मानक-अनुपालन, ब्रांडिंग। निर्यात-विविधीकरण; मेक इन इंडिया।

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