भारत में मासिक धर्म अवकाश
18 मार्च 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
मासिक धर्म अवकाश — कोई केंद्रीय कानून नहीं; बिहार व केरल जैसे कुछ राज्यों में प्रावधान।
क्या हुआ
भारत में मासिक धर्म अवकाश (menstrual leave) पर बहस चर्चा में रही। मासिक धर्म अवकाश का अर्थ है महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान सवेतन अवकाश देना। भारत में इस पर कोई केंद्रीय कानून नहीं है, यद्यपि बिहार व केरल जैसे कुछ राज्यों/संस्थानों ने इसे लागू किया है। समर्थक इसे महिला स्वास्थ्य, गरिमा व कार्यस्थल समानता के रूप में देखते हैं; आलोचक रोज़गार में संभावित भेदभाव व रूढ़िवादिता की चिंता जताते हैं। यह श्रम अधिकार, लैंगिक संवेदनशीलता व कार्यस्थल नीतियों से जुड़ा मुद्दा है। सर्वोच्च न्यायालय व सरकार ने इस पर विचार-विमर्श किया है।
मुख्य तथ्य
- 1भारत में मासिक धर्म अवकाश पर बहस।
- 2कोई केंद्रीय कानून नहीं।
- 3बिहार, केरल जैसे राज्यों ने लागू किया।
- 4समर्थन — महिला स्वास्थ्य, गरिमा।
- 5आलोचना — रोज़गार भेदभाव, रूढ़िवादिता।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
मासिक धर्म अवकाश, लैंगिक समानता व श्रम नीति राजव्यवस्था में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: मासिक धर्म अवकाश — कोई केंद्रीय कानून नहीं। बिहार, केरल — लागू। बहस — महिला स्वास्थ्य/गरिमा बनाम रोज़गार भेदभाव।