कपास उत्पादकता मिशन
6 मई 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
₹5,659 करोड़ (2026-31); भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा कपास उत्पादक; लिंट उत्पादकता 440 से 755 किग्रा/हेक्टेयर लक्ष्य।
क्या हुआ
कपास उत्पादकता मिशन (Mission for Cotton Productivity) की चर्चा हुई, जिसकी घोषणा बजट में की गई थी। इसका उद्देश्य कपास की प्रति हेक्टेयर उपज बढ़ाना, अतिरिक्त-लंबे रेशे (ELS) वाली किस्मों को बढ़ावा देना, तथा कपास-वस्त्र मूल्य शृंखला को सुदृढ़ करना है। भारत विश्व के सबसे बड़े कपास उत्पादकों में है, और कपास वस्त्र उद्योग व किसानों की आय के लिए महत्वपूर्ण है। मिशन उन्नत बीज, सतत खेती व अनुसंधान पर बल देता है। राजस्थान (हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर) कपास उत्पादक क्षेत्र है।
मुख्य तथ्य
- 1कपास उत्पादकता मिशन (बजट में घोषित)।
- 2उद्देश्य — प्रति हेक्टेयर उपज व ELS किस्में बढ़ाना।
- 3भारत — विश्व के शीर्ष कपास उत्पादकों में।
- 4कपास-वस्त्र मूल्य शृंखला को सुदृढ़ करना।
- 5राजस्थान — हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर कपास क्षेत्र।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
कपास, Bt कपास, ELS कपास व 5F विज़न अर्थव्यवस्था/कृषि में महत्वपूर्ण हैं।
स्थायी GK: भारत — विश्व के शीर्ष कपास उत्पादकों में। कपास — खरीफ नकदी फसल; काली मिट्टी उपयुक्त। ELS — अतिरिक्त-लंबा रेशा। राजस्थान — हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर।