सजावटी मत्स्य पालन को बढ़ावा देने हेतु 'मिशन रंगीन मछली 2031' जारी
2 सितंबर 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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सजावटी मत्स्य पालन की कार्ययोजना 'मिशन रंगीन मछली 2031' उपराष्ट्रपति ने अगत्ती (लक्षद्वीप) में जारी की।
क्या हुआ
इस योजना का लक्ष्य एक्वेरियम में रखी जाने वाली सजावटी मछलियों के प्रजनन, पालन और व्यापार से जुड़े क्षेत्र को संगठित करना है, जिसके लिए प्रजनन, जैव-सुरक्षा, गुणवत्ता नियंत्रण और व्यापार के समान नियम तय किए जाएँगे। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत लक्षद्वीप के लिए 62 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएँ स्वीकृत हैं। लक्षद्वीप की अनुमानित मत्स्य क्षमता एक लाख टन से अधिक है, जिसमें लगभग 94,000 टन ट्यूना व ट्यूना जैसी प्रजातियाँ हैं। कार्यक्रम में बताया गया कि पिछले वित्त वर्ष में भारत का समुद्री खाद्य निर्यात 73,000 करोड़ रुपये से अधिक रहा।
मुख्य तथ्य
- 131 अगस्त 2026 को अगत्ती, लक्षद्वीप में जारी
- 2PMMSY के तहत लक्षद्वीप के लिए 62 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएँ
- 3लक्षद्वीप की मत्स्य क्षमता: 1 लाख टन से अधिक, लगभग 94,000 टन ट्यूना
- 4भारत का समुद्री खाद्य निर्यात: पिछले वित्त वर्ष 73,000 करोड़ रुपये से अधिक
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
प्रारंभिक परीक्षा में पूछा जा सकता है कि 'मिशन रंगीन मछली 2031' किस क्षेत्र से संबंधित है और इसे कहाँ जारी किया गया।
स्थायी GK: प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना 2020-21 से 2024-25 के लिए 20,050 करोड़ रुपये के निवेश से शुरू हुई; सजावटी मत्स्य पालन के लिए ICAR-CIFA द्वारा विकसित 'रंगीन मछली' ऐप 12 सितंबर 2024 को जारी हुआ था।