भूमि अतिक्रमण विवाद में असम वन रेंज कार्यालय पर भीड़ का हमला, भारत-भूटान सीमा के पास कई घायल
18 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
क्या हुआ
यह हिंसा असम के रिपु-चिरांग रिजर्व फॉरेस्ट में हुई, जो भारत-भूटान अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित है। वन अधिकारियों ने रिजर्व फॉरेस्ट की सीमाओं के भीतर अवैध भूमि अतिक्रमण के आरोप में कई आदिवासी व्यक्तियों को हिरासत में लिया, जिससे स्थानीय समुदाय में आक्रोश फैल गया। उग्र भीड़ ने वन रेंज कार्यालय पर हमला किया, जिसमें वन विभाग के कई कर्मचारी घायल हुए और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा।
रिपु-चिरांग रिजर्व फॉरेस्ट, चिरांग-रिपु हाथी रिजर्व का हिस्सा है, जो भारत-भूटान सीमा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण वन्यजीव गलियारा है। यह मानस परिदृश्य का भाग है, जो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है। यह क्षेत्र पारिस्थितिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है।
परीक्षा की दृष्टि से यह घटना कई महत्वपूर्ण विषयों को छूती है: (1) वन अधिकार अधिनियम, 2006 — जो आदिवासी समुदायों को वन भूमि पर अधिकार देता है; (2) वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972; (3) अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी अधिकार; (4) भारत-भूटान सीमा प्रबंधन; तथा (5) अतिक्रमण कानूनों को लागू करने में राज्य वन विभागों की भूमिका। असम में रिजर्व फॉरेस्ट में अतिक्रमण को लेकर बार-बार तनाव उत्पन्न होता रहा है।