NPS सुधार हेतु एम.एस. साहू समिति
16 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
समिति — NPS के तहत 'सुनिश्चित भुगतान' (एश्योर्ड पेआउट) हेतु नियामक ढांचा डिज़ाइन करना।
क्या हुआ
NPS सुधारों हेतु 'एम.एस. साहू समिति' की चर्चा हुई। NPS (National Pension System / राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली) एक अंशदान-आधारित (contributory), बाज़ार-संबद्ध पेंशन योजना है, जिसे PFRDA (पेंशन निधि नियामक व विकास प्राधिकरण) नियंत्रित करता है। यह पुरानी 'परिभाषित-लाभ' पेंशन (OPS) के स्थान पर 'परिभाषित-अंशदान' मॉडल पर आधारित है (कर्मचारी व सरकार दोनों अंशदान करते हैं; रिटर्न बाज़ार पर निर्भर)। एक विशेषज्ञ-समिति (जैसे एम.एस. साहू के नेतृत्व में) NPS को अधिक आकर्षक, सुरक्षित व लचीला बनाने हेतु सुधारों (जैसे न्यूनतम-गारंटी, कर-लाभ, निकासी-नियम) की सिफ़ारिश करती है। यह OPS-बनाम-NPS बहस व 'एकीकृत पेंशन योजना' (UPS) से भी जुड़ता है। यह अर्थव्यवस्था, सामाजिक सुरक्षा व पेंशन-सुधार से जुड़ा है। यह अर्थव्यवस्था से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1NPS सुधारों हेतु एम.एस. साहू समिति।
- 2NPS — अंशदान-आधारित, बाज़ार-संबद्ध पेंशन (PFRDA)।
- 3परिभाषित-अंशदान (पुरानी OPS से भिन्न)।
- 4समिति — आकर्षक/सुरक्षित बनाने हेतु सुधार।
- 5OPS बनाम NPS बहस; एकीकृत पेंशन योजना (UPS)।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
NPS, PFRDA व पेंशन सुधार अर्थव्यवस्था में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: NPS — अंशदान-आधारित, बाज़ार-संबद्ध पेंशन; PFRDA। परिभाषित-अंशदान (OPS से भिन्न)। साहू समिति — सुधार सिफ़ारिश। OPS बनाम NPS; UPS।