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राष्ट्रीय · अर्थव्यवस्था

वर्षांत समीक्षा 2025: सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम मंत्रालय

1 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

MSME मंत्रालय — सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमों का नोडल; GDP, रोज़गार, निर्यात में बड़ा योगदान।

क्या हुआ

MSME मंत्रालय की वर्ष-अंत समीक्षा 2025 की चर्चा हुई। MSME (सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम) क्षेत्र भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है — यह GDP में ~30%, निर्यात में ~45% व करोड़ों रोज़गार में बड़ा योगदान देता है। वर्ष-अंत समीक्षा वर्ष की प्रमुख पहलों का लेखा-जोखा देती है — उद्यम पंजीकरण (औपचारिकीकरण), MSME की संशोधित परिभाषा, CGTMSE (संपार्श्विक-मुक्त ऋण गारंटी), PM विश्वकर्मा (पारंपरिक कारीगर), RAMP (विश्व बैंक-समर्थित), क्लस्टर-विकास, ZED प्रमाणन (गुणवत्ता) व बाज़ार-पहुँच (GeM, ONDC)। इसका उद्देश्य MSME की प्रतिस्पर्धात्मकता, वित्त-पहुँच, औपचारिकीकरण व आत्मनिर्भरता बढ़ाना है। यह अर्थव्यवस्था, MSME व रोज़गार से जुड़ता है। यह अर्थव्यवस्था से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1MSME मंत्रालय वर्ष-अंत समीक्षा 2025।
  2. 2MSME — GDP ~30%, निर्यात ~45%; रोज़गार की रीढ़।
  3. 3उद्यम पंजीकरण; संशोधित MSME परिभाषा।
  4. 4CGTMSE; PM विश्वकर्मा; RAMP; ZED प्रमाणन।
  5. 5बाज़ार-पहुँच (GeM/ONDC); औपचारिकीकरण; आत्मनिर्भरता।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

MSME, उद्यम पंजीकरण व RAMP अर्थव्यवस्था में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: MSME — GDP ~30%, निर्यात ~45%; रोज़गार रीढ़। उद्यम पंजीकरण; CGTMSE; PM विश्वकर्मा; RAMP; ZED; GeM/ONDC। आत्मनिर्भरता।

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