भारत हेतु मल्टी-डोमेन डिटरेंस
2 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
MDD — भूमि, वायु, समुद्र, साइबर, अंतरिक्ष व संज्ञानात्मक डोमेन में एकीकृत क्षमताएं।
क्या हुआ
भारत के लिए 'बहु-क्षेत्रीय प्रतिरोध' (multi-domain deterrence) की चर्चा हुई। आधुनिक युद्ध केवल थल, जल व वायु तक सीमित नहीं, बल्कि अंतरिक्ष, साइबर व सूचना/इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्रों तक विस्तृत है। बहु-क्षेत्रीय प्रतिरोध का अर्थ है इन सभी क्षेत्रों में एकीकृत क्षमता विकसित करना ताकि शत्रु को किसी भी क्षेत्र में आक्रमण से रोका जा सके। इसके लिए तीनों सेनाओं का एकीकरण (संयुक्त थिएटर कमान), स्वदेशी तकनीक, अंतरिक्ष/साइबर रक्षा व आधुनिकीकरण आवश्यक है। यह CDS, रक्षा आत्मनिर्भरता व राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1भारत हेतु बहु-क्षेत्रीय प्रतिरोध।
- 2क्षेत्र — थल, जल, वायु, अंतरिक्ष, साइबर।
- 3सभी क्षेत्रों में एकीकृत क्षमता।
- 4संयुक्त थिएटर कमान; CDS की भूमिका।
- 5स्वदेशी तकनीक व रक्षा आधुनिकीकरण।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
MDD, C4ISR, थिएटराइज़ेशन व ग्रे-ज़ोन युद्ध रक्षा में महत्वपूर्ण हैं।
स्थायी GK: क्षेत्र — थल, जल, वायु, अंतरिक्ष, साइबर। संयुक्त थिएटर कमान; CDS। मिशन शक्ति (ASAT); रक्षा साइबर एजेंसी। आत्मनिर्भर रक्षा।