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राष्ट्रीय · पर्यावरण

राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन: तीन प्रमुख बंदरगाहों को 'ग्रीन हाइड्रोजन हब' मान्यता

1 अक्टूबर 2025 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

अक्टूबर 2025 में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन (NGHM) के तहत तीन प्रमुख बंदरगाहों को 'ग्रीन हाइड्रोजन हब' के रूप में मान्यता दी- दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी (गुजरात), वी.ओ। चिदंबरनार पोर्ट अथॉरिटी (तमिलनाडु) व पारादीप पोर्ट अथॉरिटी (ओडिशा)।

क्या हुआ

NGHM का लक्ष्य 2030 तक प्रतिवर्ष 5 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन करना है, ताकि भारत ग्रीन हाइड्रोजन व इसके व्युत्पादों के उत्पादन, उपयोग व निर्यात का वैश्विक केंद्र बन सके।

मुख्य तथ्य

  1. 1नए मान्यता प्राप्त हब: दीनदयाल पोर्ट (गुजरात), वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट (तमिलनाडु), पारादीप पोर्ट (ओडिशा)।
  2. 2NGHM लक्ष्य: 2030 तक 5 MMT वार्षिक ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन।
  3. 3नोडल मंत्रालय: नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के लक्ष्य व मान्यता प्राप्त हब RAS मुख्य परीक्षा के ऊर्जा एवं पर्यावरण प्रश्नपत्र में महत्वपूर्ण हैं।

स्थायी GK: राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन जनवरी 2023 में स्वीकृत हुआ था, जिसका कुल परिव्यय 19,744 करोड़ रुपए है।

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