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राष्ट्रीय · पर्यावरण

भारत का पहला गहरे-समुद्री जीवों हेतु राष्ट्रीय भंडार

31 मार्च 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

जैव विविधता अधिनियम 2002 की धारा 39 के तहत MoEFCC द्वारा नामित; 3,500+ नमूने।

क्या हुआ

भारत के पहले 'गहरे-समुद्री जीव-जंतु राष्ट्रीय संग्रह' (National Repository for Deep-Sea Fauna) की चर्चा हुई। गहरा समुद्र (deep sea) पृथ्वी का सबसे कम-अन्वेषित आवास है, जहाँ अद्वितीय व अनुकूलित जीव (उच्च दाब, अंधकार, हाइड्रोथर्मल वेंट के निकट) पाए जाते हैं। यह राष्ट्रीय संग्रह गहरे-समुद्री जैव-नमूनों को संग्रहीत, संरक्षित व प्रलेखित करता है, जिससे समुद्री जैव विविधता अनुसंधान, नई प्रजातियों की खोज व जैव-संसाधन अध्ययन को बढ़ावा मिलता है। यह भारत के 'गहरा समुद्र मिशन' (Deep Ocean Mission) व 'समुद्रयान' (मानवयुक्त पनडुब्बी) से जुड़ा है। NIOT/MoES इसमें भूमिका निभाते हैं। यह पर्यावरण, समुद्री विज्ञान व जैव विविधता से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1भारत का पहला गहरे-समुद्री जीव राष्ट्रीय संग्रह।
  2. 2गहरा समुद्र — सबसे कम-अन्वेषित आवास।
  3. 3जैव-नमूनों का संग्रह, संरक्षण, प्रलेखन।
  4. 4नई प्रजातियों की खोज; जैव विविधता अनुसंधान।
  5. 5गहरा समुद्र मिशन; समुद्रयान; NIOT/MoES।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

ब्लू इकॉनमी, जैव विविधता अधिनियम व CMLRE पर्यावरण में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: गहरा-समुद्री जीव संग्रह — नमूनों का प्रलेखन/संरक्षण। गहरा समुद्र मिशन; समुद्रयान। NIOT/MoES। समुद्री जैव विविधता।

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