भारतीय नौसेना का पहला प्रशिक्षण स्क्वाड्रन थाईलैंड पहुंचा
28 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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पहला प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (1TS) — नौसेना अधिकारियों के समुद्री प्रशिक्षण हेतु; थाईलैंड यात्रा।
क्या हुआ
भारतीय नौसेना के प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन की थाईलैंड यात्रा की चर्चा हुई। भारतीय नौसेना का 'प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन' (1TS) नौसैनिक प्रशिक्षुओं/कैडेटों को समुद्री प्रशिक्षण देने हेतु विभिन्न देशों की बंदरगाह-यात्राएँ करता है। ऐसी यात्राएँ युवा अधिकारियों को व्यावहारिक नौवहन-अनुभव देने के साथ-साथ 'नौसैनिक कूटनीति' (naval diplomacy), मित्र देशों से संबंध व क्षेत्रीय सहयोग को मज़बूत करती हैं। थाईलैंड भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति, आसियान-भागीदारी व इंडो-पैसिफिक सहयोग में महत्वपूर्ण है (दोनों CORPAT समन्वित गश्त भी करते हैं)। यह भारत की समुद्री उपस्थिति, सद्भावना व 'नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर' की भूमिका को दर्शाता है। यह रक्षा व अंतरराष्ट्रीय संबंध से जुड़ा है। यह रक्षा से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1भारतीय नौसेना के प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन की थाईलैंड यात्रा।
- 2प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (1TS) — कैडेट समुद्री प्रशिक्षण।
- 3नौसैनिक कूटनीति; मित्र देशों से संबंध।
- 4थाईलैंड — एक्ट ईस्ट; आसियान; CORPAT गश्त।
- 5समुद्री उपस्थिति; नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
नौसैनिक कूटनीति, एक्ट ईस्ट नीति व भारत-थाईलैंड रक्षा में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (1TS) — कैडेट समुद्री प्रशिक्षण; बंदरगाह-यात्रा। नौसैनिक कूटनीति। थाईलैंड — एक्ट ईस्ट; आसियान; CORPAT।