नेपाल ने हिमनद बाढ़ आपदा के बाद भारत, चीन, अमेरिका से 2 करोड़ डॉलर जलवायु मुआवजे की मांग की
9 सितंबर 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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नेपाल ने हिमालयी हिमनद बाढ़ के बाद संयुक्त राष्ट्र हानि कोष से जलवायु मुआवजे की मांग की।
क्या हुआ
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने तर्क दिया कि नेपाल, जो वैश्विक उत्सर्जन में 0.1% से भी कम योगदान देता है, "एक वैश्विक संकट की सबसे बड़ी कीमत चुका रहा है जिसे उसने पैदा नहीं किया।" संपत्ति और अवसंरचना की क्षति का अनुमान 2.56 अरब डॉलर है। यह दावा इस आंकड़े पर आधारित है कि 2011-2020 के दौरान हिमालयी ग्लेशियरों की बर्फ पिछले दशक की तुलना में 65% तेज़ी से पिघली।
मुख्य तथ्य
- 1आपदा: 26 अगस्त 2026 को नेपाल के रसुवा व नुवाकोट और तिब्बत में हिमनद विस्फोट/बाढ़
- 2मृतकों की संख्या 1,300 से अधिक; 5,000+ लापता
- 3मांगा गया मुआवजा: संयुक्त राष्ट्र हानि एवं क्षति कोष (2022 में स्थापित) के माध्यम से 2 करोड़ डॉलर
- 4अनुमानित क्षति: 2.56 अरब डॉलर
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
हानि एवं क्षति कोष (COP27 परिणाम) और हिमनद झील विस्फोट बाढ़ (GLOF) पर्यावरण खंड का महत्वपूर्ण आवर्ती विषय है।
स्थायी GK: संयुक्त राष्ट्र हानि एवं क्षति कोष औपचारिक रूप से COP27 (2022) में मिस्र के शर्म अल-शेख में स्थापित किया गया था।