छत्तीसगढ़ बिजली संयंत्र में बॉयलर विस्फोट में नौ की मौत
14 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
क्या हुआ
छत्तीसगढ़ के एक थर्मल पावर प्लांट में बॉयलर विस्फोट में कम से कम नौ श्रमिकों की मौत हो गई, जो राज्य के ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ी औद्योगिक दुर्घटना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साई ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को सरकारी सहायता का आश्वासन दिया और निष्पक्ष जांच के आदेश दिए। इस विस्फोट ने बॉयलर अधिनियम, 1923 और कारखाना अधिनियम, 1948 के तहत सुरक्षा मानकों के अनुपालन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ऐसी दुर्घटनाएं मुख्य कारखाना एवं बॉयलर निरीक्षक के अधिकार क्षेत्र में आती हैं और आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के प्रावधान भी लागू हो सकते हैं। छत्तीसगढ़ एक प्रमुख विद्युत-अधिशेष राज्य है जहाँ CSPDCL सहित कई थर्मल पावर प्लांट संचालित हैं। सरकार की प्रतिक्रिया — मुआवजे और स्वतंत्र जांच का वादा — औद्योगिक आपदा प्रबंधन के तहत मानक प्रोटोकॉल को दर्शाती है। यह घटना भारत के ऊर्जा अवसंरचना में नियमित सुरक्षा ऑडिट, CERC मानकों के पालन और व्यावसायिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा ढांचे की आवश्यकता को रेखांकित करती है।