NRIDA और IIM कोलकाता के बीच PMGSY-IV और PM-JANMAN के प्रभाव आकलन हेतु समझौता
30 सितंबर 2026 · Raj Study संपादकीय टीम · सरकारी स्रोत से तथ्य मिलाए गए
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राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना विकास एजेंसी और IIM कोलकाता ने PMGSY-IV और PM-JANMAN के तहत बनी सड़कों के चार वर्षीय प्रभाव आकलन अध्ययन हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
क्या हुआ
राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना विकास एजेंसी (NRIDA) और भारतीय प्रबंधन संस्थान कोलकाता के बीच 29 सितंबर 2026 को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। NRIDA की महानिदेशक सुश्री अदिति सिंह (IAS) और IIM कोलकाता के निदेशक प्रो. आलोक कुमार राय ने ग्रामीण विकास सचिव श्री रोहित कंसल की उपस्थिति में यह समझौता किया। यह चार वर्षीय अध्ययन 10 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों (आंध्र प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, सिक्किम, उत्तराखंड) के 50 जिलों, 150 ब्लॉकों और 250 सड़कों को कवर करेगा। लगभग 5,000 परिवारों का सर्वेक्षण कर गतिशीलता, पहुंच और सामाजिक-आर्थिक स्थितियों में बदलाव का आकलन किया जाएगा। अध्ययन में बेसलाइन सर्वेक्षण (14 माह), संक्रमण काल (12 माह) और एंडलाइन सर्वेक्षण (22 माह) शामिल होंगे।
मुख्य तथ्य
- 1NRIDA और IIM कोलकाता ने 29 सितंबर 2026 को PMGSY-IV और PM-JANMAN के प्रभाव आकलन हेतु समझौता किया।
- 2अध्ययन 10 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के 50 जिलों, 150 ब्लॉकों और 250 सड़कों को कवर करेगा, जिनमें राजस्थान भी शामिल है।
- 3लगभग 5,000 परिवारों का सर्वेक्षण कर गतिशीलता, पहुंच और सामाजिक-आर्थिक स्थितियों का आकलन होगा।
- 4बेसलाइन सर्वेक्षण 14 माह, संक्रमण काल 12 माह और एंडलाइन सर्वेक्षण 22 माह का होगा।
- 5समझौते पर NRIDA की महानिदेशक सुश्री अदिति सिंह और IIM कोलकाता के निदेशक प्रो. आलोक कुमार राय ने हस्ताक्षर किए।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
PMGSY-IV और PM-JANMAN के प्रभाव आकलन अध्ययन में कितने राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को शामिल किया गया है और राजस्थान की भूमिका क्या है?
स्थायी GK: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की शुरुआत 25 दिसंबर 2000 को की गई थी।