ओडिशा घृणा भाषण व घृणा अपराध (रोकथाम) अधिनियम
13 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
प्रस्तावित अधिनियम — पहली बार 1-5 वर्ष जेल, बार-बार अपराध पर 7 वर्ष तक; संज्ञेय व गैर-ज़मानती।
क्या हुआ
ओडिशा घृणा भाषण व घृणा अपराध (रोकथाम) अधिनियम की चर्चा हुई। यह एक राज्य-स्तरीय कानून है जो घृणा भाषण व घृणा-प्रेरित अपराधों को परिभाषित कर उन पर दंड का प्रावधान करता है। चूँकि भारत में घृणा भाषण की कोई एकल केंद्रीय परिभाषा नहीं है, ऐसे राज्य कानून इस अंतराल को भरने का प्रयास करते हैं। 'लोक व्यवस्था' व 'पुलिस' राज्य सूची के विषय हैं, इसलिए राज्य ऐसे कानून बना सकते हैं। यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (अनुच्छेद 19) व सामाजिक सद्भाव के बीच संतुलन से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1ओडिशा घृणा भाषण व घृणा अपराध (रोकथाम) अधिनियम।
- 2राज्य-स्तरीय कानून; घृणा भाषण को परिभाषित व दंडित।
- 3केंद्रीय परिभाषा के अभाव में अंतराल भरता है।
- 4लोक व्यवस्था/पुलिस — राज्य सूची।
- 5अनुच्छेद 19 — अभिव्यक्ति बनाम सामाजिक सद्भाव।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
घृणा भाषण, अनुच्छेद 19(2), BNS व रबात परीक्षण राजव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।
स्थायी GK: घृणा भाषण — कोई केंद्रीय परिभाषा नहीं। लोक व्यवस्था/पुलिस — राज्य सूची। अनुच्छेद 19(1)(a)/19(2)। राज्य का कानून अंतराल भरता है।