ओडिशा में पांच शिशु ओरंगुटान बचाए गए, वन्यजीव तस्करी की आशंका
9 सितंबर 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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ओडिशा में पांच शिशु ओरंगुटान मिलने से वन्यजीव तस्करी गिरोह की आशंका बढ़ी।
क्या हुआ
स्थानीय वन सुरक्षा समिति के सदस्यों ने सुबह करीब 6:15 बजे इन वानरों को देखा; ग्रामीणों ने शुरू में उन्हें बंदर समझ लिया था। तीन नर और दो मादा इन जानवरों में कोई चोट नहीं पाई गई और वे मनुष्यों के साथ सहज थे, जो हाल की कैद का संकेत देता है। इन्हें संगरोध के लिए नंदनकानन प्राणी उद्यान भेजा गया, तथा CITES प्रोटोकॉल के तहत इंडोनेशिया या मलेशिया को वापस भेजने की योजना है, क्योंकि ओरंगुटान भारत के मूल निवासी नहीं हैं।
मुख्य तथ्य
- 19 सितंबर 2026 को ओडिशा के बालासोर जिले के भोगराई क्षेत्र में पाए गए
- 25 ओरंगुटान (3 नर, 2 मादा), आयु 6-8 माह
- 3पुनर्वास हेतु नंदनकानन प्राणी उद्यान भेजे गए
- 4अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी में पारगमन मार्ग के रूप में भारत की भूमिका उजागर
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
CITES, वन्यजीव तस्करी मार्गों और संरक्षित प्रजातियों के पुनर्वास प्रोटोकॉल की समझ पर्यावरण खंड का आवर्ती विषय है।
स्थायी GK: ओरंगुटान केवल बोर्नियो और सुमात्रा के वर्षावनों के मूल निवासी हैं और IUCN रेड लिस्ट में गंभीर रूप से संकटग्रस्त हैं।