भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के साक्ष्यों के आधार पर पाकिस्तान को FATF ग्रे लिस्ट में डालने की मांग की
30 जून 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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जून 2026 में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पाकिस्तान को फिर से FATF ग्रे लिस्ट में डालने के प्रयास तेज किए।
क्या हुआ
भारत ने वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (FATF) की ग्रे लिस्ट में पाकिस्तान को फिर से शामिल कराने के लिए अपने कूटनीतिक प्रयास तेज किए, जिसके लिए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जुटाए गए आतंकी वित्तपोषण के ताजा साक्ष्यों का हवाला दिया गया। पाकिस्तान आतंकी वित्तपोषण व मनी लॉन्ड्रिंग रोकने में विफल रहने के चलते 2018 से 2022 तक पहले भी FATF की ग्रे लिस्ट में रह चुका है।
मुख्य तथ्य
- 1FATF (वित्तीय कार्रवाई कार्यबल) मनी लॉन्ड्रिंग व आतंकी वित्तपोषण के विरुद्ध वैश्विक निगरानी संस्था है, जिसकी स्थापना 1989 में हुई थी
- 2पाकिस्तान 2018 से 2022 तक FATF की ग्रे लिस्ट में रहा
- 3ऑपरेशन सिंदूर एक बड़े आतंकी हमले के बाद भारत की सैन्य कार्रवाई को संदर्भित करता है
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
FATF की उत्पत्ति, ग्रे/ब्लैक लिस्ट के मानदंड और पाकिस्तान का सूचीबद्ध होने का इतिहास अंतरराष्ट्रीय संगठनों के अंतर्गत प्रारंभिक परीक्षा में बार-बार पूछे जाने वाले तथ्य हैं।
स्थायी GK: FATF की स्थापना 1989 में पेरिस में हुए G7 शिखर सम्मेलन में मनी लॉन्ड्रिंग से निपटने के लिए हुई थी; 2001 के बाद इसने आतंकी वित्तपोषण को भी अपने कार्यक्षेत्र में शामिल किया।