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राष्ट्रीय · पर्यावरण

पैंगोलिन तस्करी की जीनोमिक मैपिंग

20 मई 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

पैंगोलिन — एकमात्र शल्क-युक्त स्तनधारी; CITES परिशिष्ट I; विश्व पैंगोलिन दिवस फरवरी के तीसरे शनिवार।

क्या हुआ

पैंगोलिन तस्करी की जीनोमिक मैपिंग की चर्चा हुई। पैंगोलिन (शल्की चींटीखोर/scaly anteater) विश्व का सबसे अधिक तस्करी किया जाने वाला स्तनधारी है — इसके शल्कों (पारंपरिक औषधि) व मांस की अवैध माँग के कारण। जीनोमिक मैपिंग/DNA फोरेंसिक तकनीक से ज़ब्त किए गए शल्कों के भौगोलिक स्रोत (किस आबादी/क्षेत्र से) की पहचान संभव होती है, जिससे तस्करी मार्गों का पता लगाने, अपराधियों पर मुकदमे व संरक्षण-रणनीति बनाने में मदद मिलती है। भारत में भारतीय व चीनी पैंगोलिन पाए जाते हैं (वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 अनुसूची I; CITES परिशिष्ट I)। यह जैव विविधता, वन्यजीव अपराध व संरक्षण विज्ञान से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1पैंगोलिन तस्करी की जीनोमिक मैपिंग।
  2. 2पैंगोलिन — विश्व का सबसे अधिक तस्करी किया स्तनधारी।
  3. 3शल्क (औषधि) व मांस की अवैध माँग।
  4. 4DNA फोरेंसिक — स्रोत व तस्करी मार्ग की पहचान।
  5. 5WPA 1972 अनुसूची I; CITES परिशिष्ट I।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

संकटग्रस्त प्रजातियां, IUCN/CITES व वन्यजीव अपराध पर्यावरण में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: पैंगोलिन — विश्व का सबसे अधिक तस्करी किया स्तनधारी। शल्क/मांस की माँग। WPA 1972 अनुसूची I; CITES परिशिष्ट I। DNA फोरेंसिक।

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