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18 अगस्त 2026 · 18 August 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण

निर्वाचन काले धन को नियंत्रित करने में मौजूदा कमजोरियां

Persisting Challenges in Curbing Electoral Black Money

व्यय सीमा, गुमनाम दान और कार्यान्वयन क्षमता में कमी निर्वाचन काले धन को नियंत्रित करने में बाधा हैं।

मुख्य तथ्य

  • धारा 77 RPA 1951 - केवल उम्मीदवार व्यय पर सीमा, दल व्यय अनिश्चित
  • धारा 29C - 20,000 रुपये तक गुमनाम दान की अनुमति
  • निर्वाचन आयोग स्वतंत्र वित्तीय जांच विभाग से रहित है
  • नकद अर्थव्यवस्था और अंतिम मील प्रेरण पहचान को कठिन बनाते हैं
RPA 1951 की धारा 77 में उम्मीदवार व्यय की सीमा निर्धारित है, लेकिन दलों पर कोई समग्र सीमा नहीं है, जिससे धन दलों के माध्यम से पुनः निर्देशित होता है। धारा 29C के तहत 20,000 रुपये से कम दान का प्रकटीकरण आवश्यक नहीं है, जिससे बड़ी राशियां छोटे हिस्सों में बंटकर गुमनाम रह सकती हैं। निर्वाचन आयोग पूरी तरह राज्य पुलिस और जिला प्रशासन पर निर्भर है, जबकि इसके पास स्वतंत्र वित्तीय जांच विभाग नहीं है। हवाला लेनदेन, शेल कंपनियां और जटिल वित्तीय प्रवाह को ट्रैक करने के लिए विभिन्न एजेंसियों का समन्वय जटिल है।

🎯 परीक्षा में कैसे आएगा

निर्वाचन कानून की कार्यान्वयन संबंधी कमजोरियां और संस्थागत सीमाएं।

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निर्वाचन आयोग - भारत का स्वतंत्र निकाय, लेकिन कार्यान्वयन के लिए अन्य एजेंसियों पर निर्भर।

✨ RajAI— RAS Prelims Expert

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