2 फरवरी 2026 · 2 February 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
भारत में व्यक्तित्व अधिकार
Personality rights in India
व्यक्तित्व अधिकार — किसी की पहचान, नाम, आवाज़, छवि के अनधिकृत उपयोग के विरुद्ध अधिकार।
मुख्य तथ्य
- •भारत में व्यक्तित्व अधिकार।
- •नाम, छवि, आवाज़ के अनधिकृत उपयोग से सुरक्षा।
- •AI/डीपफेक युग में अधिक प्रासंगिक।
- •आधार — निजता (पुट्टास्वामी), IPR, सामान्य विधि।
- •कोई एकल कानून नहीं; न्यायालय आदेश।
भारत में व्यक्तित्व अधिकार (personality rights) की चर्चा हुई। व्यक्तित्व अधिकार किसी व्यक्ति (विशेषकर सेलिब्रिटी) के नाम, छवि, आवाज़, हस्ताक्षर व विशिष्ट विशेषताओं के व्यावसायिक/अनधिकृत उपयोग से सुरक्षा का अधिकार है। AI, डीपफेक व मॉर्फ्ड सामग्री के युग में यह अधिक प्रासंगिक हो गया है। भारत में इसके लिए कोई एकल कानून नहीं; यह निजता के अधिकार (अनुच्छेद 21, के.एस. पुट्टास्वामी वाद), बौद्धिक संपदा (ट्रेडमार्क, कॉपीराइट) व सामान्य विधि से उपजता है। न्यायालयों ने सेलिब्रिटीज़ के पक्ष में आदेश दिए हैं। यह निजता, गरिमा, IPR व डिजिटल युग की चुनौतियों से जुड़ा है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
व्यक्तित्व अधिकार, अनुच्छेद 21 व बौद्धिक संपदा राजव्यवस्था में पूछे जाते हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
व्यक्तित्व अधिकार — नाम/छवि/आवाज़ की सुरक्षा। निजता का अधिकार (पुट्टास्वामी वाद, अनुच्छेद 21)। IPR; डीपफेक। एकल कानून नहीं।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert