PLI योजना और इलेक्ट्रॉनिक्स में ‘असेंबली ट्रैप’: एक व्याख्या
23 सितंबर 2026 · Raj Study संपादकीय टीम · सरकारी स्रोत से तथ्य मिलाए गए
याद रखें · एक पंक्ति में
इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन छह गुना बढ़ने के बावजूद भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में घरेलू मूल्य संवर्धन लगभग 18–20% है।
क्या हुआ
बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए PLI योजना 2020 में मोबाइल फोन निर्माण बढ़ाने हेतु शुरू हुई। इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन 2014-15 के ₹1.9 लाख करोड़ से बढ़कर 2024-25 में ₹11.3 लाख करोड़ हो गया। ‘असेंबली ट्रैप’ उस स्थिति को कहते हैं जब विकास मुख्यतः आयातित पुर्जों को जोड़ने तक सीमित रहे और घरेलू मूल्य संवर्धन कम बना रहे। सरकार ने 1 अप्रैल 2026 को लोकसभा में बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स में घरेलू मूल्य संवर्धन 18–20% है। आपूर्ति शृंखला गहरी करने के लिए ₹22,919 करोड़ की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ECMS) आई, जिसका परिव्यय बजट 2026 में ₹40,000 करोड़ किया गया।
मुख्य तथ्य
- 1बड़े पैमाने के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण हेतु PLI: 2020 में शुरू
- 2इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन: ₹1.9 लाख करोड़ (2014-15) से ₹11.3 लाख करोड़ (2024-25)
- 3इलेक्ट्रॉनिक्स में घरेलू मूल्य संवर्धन: 18–20% (लोकसभा, 1 अप्रैल 2026)
- 4ECMS परिव्यय बजट 2026 में ₹22,919 करोड़ से बढ़ाकर ₹40,000 करोड़
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
RAS Prelims में PLI के क्षेत्र, ECMS का परिव्यय या घरेलू मूल्य संवर्धन (DVA) की अवधारणा पूछी जा सकती है।
स्थायी GK: PLI योजनाएं 14 क्षेत्रों को कवर करती हैं, जिनमें मोबाइल निर्माण व निर्दिष्ट इलेक्ट्रॉनिक कलपुर्जे शामिल हैं; इनका कुल परिव्यय ₹1.97 लाख करोड़ है।