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21 फरवरी 2026 · 21 February 2026

न्यायिक विविधता पर निजी सदस्य विधेयक

Private Member's Bill on judicial diversity

निजी सदस्य विधेयक — मंत्री के अलावा किसी सांसद द्वारा पेश; उच्च न्यायपालिका में विविधता की मांग।

मुख्य तथ्य

  • न्यायिक विविधता पर निजी सदस्य विधेयक।
  • निजी सदस्य विधेयक — गैर-मंत्री सांसद द्वारा।
  • न्यायिक विविधता — उच्च न्यायपालिका में प्रतिनिधित्व।
  • महिला, SC/ST, अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व।
  • कॉलेजियम प्रणाली; समावेशी न्याय; जन-विश्वास।
न्यायिक विविधता (judicial diversity) पर एक निजी सदस्य विधेयक (Private Member's Bill) की चर्चा हुई। 'निजी सदस्य विधेयक' वह विधेयक है जो किसी मंत्री के अलावा किसी अन्य सांसद द्वारा पेश किया जाता है (शुक्रवार को चर्चा होती है; बहुत कम पारित होते हैं, पर नीति-संवाद को दिशा देते हैं)। 'न्यायिक विविधता' का अर्थ है उच्च न्यायपालिका (उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय) में महिलाओं, अनुसूचित जाति/जनजाति, अल्पसंख्यकों व विभिन्न सामाजिक समूहों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना। विविध न्यायपालिका जन-विश्वास, समावेशी न्याय व प्रतिनिधित्व को बढ़ाती है (न्यायाधीशों की नियुक्ति 'कॉलेजियम प्रणाली' से होती है)। यह राजव्यवस्था, न्यायपालिका व सामाजिक न्याय से जुड़ा है। यह राजव्यवस्था से जुड़ा है।

🎯 परीक्षा में कैसे आएगा

निजी सदस्य विधेयक, कॉलेजियम व न्यायिक विविधता राजव्यवस्था में पूछे जाते हैं।

📚 संबंधित स्थायी GK

निजी सदस्य विधेयक — गैर-मंत्री सांसद द्वारा; शुक्रवार चर्चा। न्यायिक विविधता — उच्च न्यायपालिका में महिला/SC-ST/अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व। कॉलेजियम।

✨ RajAI— RAS Prelims Expert

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