प्रोजेक्ट फ्रीडम (होर्मुज जलडमरूमध्य)
8 मई 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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होर्मुज जलडमरूमध्य — विश्व की ~20% तेल आपूर्ति; प्रोजेक्ट फ्रीडम — अमेरिकी मिशन (मई 2026)।
क्या हुआ
होर्मुज जलडमरूमध्य के संदर्भ में 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' की चर्चा हुई। होर्मuz जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी/अरब सागर से जोड़ने वाला एक संकीर्ण समुद्री मार्ग है, जो विश्व का सबसे महत्वपूर्ण तेल-परिवहन 'चोकपॉइंट' है (वैश्विक तेल/LNG का बड़ा हिस्सा यहीं से गुज़रता है)। क्षेत्रीय तनावों (ईरान-अमेरिका/इज़राइल) के बीच इस मार्ग को अवरुद्ध करने की धमकियाँ वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति व कीमतों के लिए गंभीर खतरा हैं। 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' जैसी पहलें नौवहन की स्वतंत्रता (freedom of navigation), समुद्री सुरक्षा व तेल-व्यापार मार्गों की रक्षा से जुड़ी हैं। भारत ~85% तेल आयात करता है, इसलिए यह उसकी ऊर्जा सुरक्षा हेतु महत्वपूर्ण है। यह अंतरराष्ट्रीय संबंध व ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1'प्रोजेक्ट फ्रीडम' (होर्मुज जलडमरूमध्य)।
- 2होर्मुज — विश्व का सबसे महत्वपूर्ण तेल चोकपॉइंट।
- 3अवरोध की धमकियाँ — वैश्विक ऊर्जा/कीमत जोखिम।
- 4नौवहन की स्वतंत्रता; समुद्री सुरक्षा।
- 5भारत ~85% तेल आयात; ऊर्जा सुरक्षा।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
होर्मुज जलडमरूमध्य, वैश्विक तेल आपूर्ति व पश्चिम एशिया संकट अंतरराष्ट्रीय/भूगोल में महत्वपूर्ण हैं।
स्थायी GK: होर्मुज जलडमरूमध्य — फारस की खाड़ी; तेल चोकपॉइंट। नौवहन की स्वतंत्रता; समुद्री सुरक्षा। भारत ~85% तेल आयात।