प्रोजेक्ट हिम सरोवर
17 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
प्रोजेक्ट हिम सरोवर — लद्दाख के शीत मरुस्थल में अप्रयुक्त हिमनद जल को संग्रहित करने की पहल।
क्या हुआ
'प्रोजेक्ट हिम सरोवर' की चर्चा हुई। यह हिमालयी हिमनद झीलों (glacial lakes) की निगरानी, मानचित्रण व अध्ययन की एक पहल है। ग्लोबल वार्मिंग से हिमनद (ग्लेशियर) पिघलने से ऐसी झीलें बनती/बढ़ती हैं, जिनके अचानक फटने से 'हिमनद झील विस्फोट बाढ़' (GLOF — ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड) का गंभीर खतरा उत्पन्न होता है (जैसे 2023 की सिक्किम/तीस्ता आपदा, उत्तराखंड)। यह परियोजना उपग्रह/क्षेत्र-आधारित निगरानी, प्रारंभिक चेतावनी व जोखिम-न्यूनीकरण के माध्यम से आपदा तैयारी बढ़ाती है। यह जलवायु परिवर्तन, हिमालयी पारिस्थितिकी, आपदा प्रबंधन व जल सुरक्षा से जुड़ा है। यह पर्यावरण से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1'प्रोजेक्ट हिम सरोवर'।
- 2हिमालयी हिमनद झीलों की निगरानी/मानचित्रण।
- 3GLOF (हिमनद झील विस्फोट बाढ़) का खतरा।
- 4ग्लोबल वार्मिंग से झीलें बनती/बढ़ती हैं।
- 5प्रारंभिक चेतावनी; आपदा तैयारी।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
जल प्रबंधन, हिमनद पिघलाव व लद्दाख पर्यावरण/भूगोल में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: हिम सरोवर — हिमनद झीलों की निगरानी। GLOF — हिमनद झील विस्फोट बाढ़। ग्लोबल वार्मिंग; हिमालयी पारिस्थितिकी। प्रारंभिक चेतावनी।