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राष्ट्रीय

पंजाब सीमा बाड़ स्थानांतरण से किसानों को शून्य रेखा और बाड़ के बीच राहत मिलेगी

18 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

क्या हुआ

पंजाब की पाकिस्तान के साथ लगभग 553 किमी लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है, जिसकी सुरक्षा सीमा सुरक्षा बल (BSF) करता है। 1980 और 1990 के दशक में निर्मित सीमा बाड़ को शून्य रेखा (वास्तविक अंतरराष्ट्रीय सीमा) पर नहीं, बल्कि भारतीय क्षेत्र के कई सौ मीटर अंदर बनाया गया था। इससे बाड़ और शून्य रेखा के बीच उपजाऊ कृषि भूमि की एक पट्टी बन गई। इस क्षेत्र में भूमि रखने वाले किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने के लिए BSF से विशेष पास लेना पड़ता है और सीमित समय में ही प्रवेश मिलता है। इससे अमृतसर, तरन तारन, गुरदासपुर, फिरोजपुर और फाजिल्का जिलों के सीमावर्ती गांवों के किसानों की आजीविका बुरी तरह प्रभावित हुई है। केंद्र सरकार ने अब बाड़ को शून्य रेखा के निकट स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की है, जिससे हजारों एकड़ कृषि भूमि किसानों को वापस मिल सकेगी। अक्टूबर 2021 में BSF का अधिकार क्षेत्र 15 किमी से बढ़ाकर 50 किमी किया गया था, जो विवादास्पद रहा था। यह निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा और किसान अधिकारों के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण नीतिगत सुधार माना जा रहा है।

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