पुतिन की भारत यात्रा और 23वां भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन
5 दिसंबर 2025 · Raj Study संपादकीय टीम
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दिसंबर 2025 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार भारत की यात्रा की और नई दिल्ली में 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया।
क्या हुआ
4-5 दिसंबर 2025 की इस यात्रा में हैदराबाद हाउस में 23वां वार्षिक शिखर सम्मेलन हुआ, जहां 2030 तक 100 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य और ऊर्जा, परमाणु, रक्षा, अंतरिक्ष तथा उभरती तकनीकों में सहयोग पर सहमति बनी। नॉर्दर्न सी रूट, आईएनएसटीसी और चेन्नई-व्लादिवोस्तोक कॉरिडोर जैसी कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई। रूस ने भारत के नेतृत्व वाले इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस (IBCA) में शामिल होने का फैसला किया, रूसी नागरिकों के लिए 30-दिन का मुफ्त ई-वीजा शुरू किया और रेसिप्रोकल एक्सचेंज ऑफ लॉजिस्टिक्स सपोर्ट (RELOS) समझौते को मंजूरी दी।
मुख्य तथ्य
- 12030 तक 100 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य तय किया गया; 2030 तक का रणनीतिक आर्थिक-सहयोग कार्यक्रम अपनाया गया
- 2रूस भारत के नेतृत्व वाले इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस (IBCA) में शामिल होगा; रूसी नागरिकों को 30-दिन का मुफ्त ई-वीजा और समूह पर्यटक वीजा सुविधा मिलेगी
- 3रूस ने रेसिप्रोकल एक्सचेंज ऑफ लॉजिस्टिक्स सपोर्ट (RELOS) समझौते को मंजूरी दी
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
RAS मुख्य परीक्षा GS-2 (भारत-रूस संबंध, बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण।
स्थायी GK: भारत-रूस 'विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त सामरिक साझेदारी' 2010 में स्थापित हुई थी।