11 अगस्त 2026 · 11 August 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
राजस्थान CSIR-CRRI का MSS+ सड़क प्रौद्योगिकी अपनाने में रुचि दिखा रहा है
Rajasthan Explores CSIR-CRRI's Indigenous MSS+ Road Technology
MSS+ तकनीक से राजस्थान सड़क निर्माण में लागत और उत्सर्जन दोनों को कम कर सकता है।
मुख्य तथ्य
- •MSS+ एक स्वदेशी प्रौद्योगिकी है जो CSIR-CRRI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है
- •7 अगस्त 2026 को जयपुर शहर की सड़क पर तकनीक का जीवंत प्रदर्शन किया गया
- •तकनीक निर्माण उत्सर्जन, ऊर्जा खपत और सामग्री अपशिष्ट को कम करती है
- •उत्तर प्रदेश में पहले से 100 किमी से अधिक सड़कों पर सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है
भारतीय विज्ञान एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद के Central Road Research Institute ने Modified Mix Seal Surfacing Plus (MSS+) नामक एक स्वदेशी सड़क निर्माण तकनीक विकसित की है। इस तकनीक का प्रदर्शन 7 अगस्त 2026 को जयपुर की सड़क पर किया गया। MSS+ तकनीक के साथ एक स्वचालित मोबाइल मिक्सिंग प्लांट भी है जो भारत का पहला स्वदेशी पूर्ण स्वचालित उपकरण है। यह तकनीक निर्माण उत्सर्जन, ऊर्जा खपत और सामग्री अपशिष्ट को कम करती है। इसे पहले से उत्तर प्रदेश में 100 किमी से अधिक सड़कों पर लागू किया जा चुका है। राजस्थान राज्य की सड़क निर्माण परियोजनाओं में इसके व्यापक अनुप्रयोग के लिए इसका मूल्यांकन करने में रुचि दिखा रहा है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
राजस्थान में हरित सड़क प्रौद्योगिकी को अपनाने की पहल और इसके पर्यावरणीय लाभ।
📚 संबंधित स्थायी GK
CSIR (भारतीय विज्ञान एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद) भारत की सबसे बड़ी अनुसंधान एवं विकास संस्था है।
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