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1 अगस्त 2026 · 1 August 2026अर्थव्यवस्था⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण

राजस्थान ने दुर्लभ पृथ्वी तत्वों के लिए भारत का पहला अन्वेषण लाइसेंस जारी किया

Rajasthan Issues India's First Rare Earth Elements Exploration Licence

राजस्थान ने दुर्लभ पृथ्वी तत्वों के अन्वेषण के लिए भारत का पहला लाइसेंस जारी किया।

मुख्य तथ्य

  • पचपद्रा (बालोत्रा) और शेरगढ़ (जोधपुर) में 207.6 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र
  • लेंथेनम, सेरियम, प्रेज़ोडिमियम, नियोडिमियम के भंडार की पुष्टि
  • केंद्रीय खान योजना और डिज़ाइन संस्थान को लाइसेंसधारी
  • 2024 में केंद्र द्वारा आरईई अन्वेषण रूपरेखा शुरू की गई
राजस्थान राज्य ने भारत में पहली बार दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (आरईई) के लिए अन्वेषण लाइसेंस प्राप्त किया है। यह लाइसेंस 207.6 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में दिया गया है, जो बालोत्रा जिले के पचपद्रा तहसील में नवाताला देवीगढ़ और जोधपुर जिले की शेरगढ़ तहसील को कवर करता है। भूवैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार इस खंड में लेंथेनम, सेरियम, प्रेज़ोडिमियम और नियोडिमियम पाए जाते हैं। केंद्रीय खान योजना और डिज़ाइन संस्थान लिमिटेड को यह लाइसेंस दिया गया है। यह कदम भारत की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और आयात पर निर्भरता को कम करने का लक्ष्य रखता है।

🎯 परीक्षा में कैसे आएगा

राजस्थान के भू-वैज्ञानिक संसाधनों और केंद्रीय खनिज नीति के प्रति राज्य की भूमिका को समझना।

📚 संबंधित स्थायी GK

राजस्थान भारत का सबसे बड़ा खनिज-समृद्ध राज्य है और मुख्य खनिज संसाधन जस्ता, तांबा, फॉस्फेट और संगमरमर हैं।

✨ RajAI— RAS Prelims Expert

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