राजस्थान के सरकारी स्कूलों में बाहरी प्रवेश और फोटोग्राफी पर रोक
23 अगस्त 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
राजस्थान: सरकारी स्कूल में बाहरी प्रवेश के लिए प्रधानाचार्य की अनुमति और फोटो-वीडियो हेतु लिखित स्वीकृति जरूरी।
क्या हुआ
निदेशक, माध्यमिक शिक्षा के 16 अगस्त 2026 के परिपत्र में केवल अधिकृत कार्य पर आए सरकारी अधिकारियों को प्रवेश-अनुमति से छूट है। विद्यार्थियों, शिक्षकों या स्कूल गतिविधियों की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, साक्षात्कार, ऑडियो रिकॉर्डिंग और लाइव स्ट्रीमिंग के लिए प्रधानाचार्य की पूर्व लिखित स्वीकृति चाहिए। सुरक्षा, निजता या अनुशासन के लिए जोखिम माने गए व्यक्ति को प्रवेश से रोका जा सकता है और पुलिस व जिला शिक्षा अधिकारी को सूचना दी जा सकती है। कार्रवाई BNS 2023, POCSO अधिनियम 2012, किशोर न्याय अधिनियम 2015 और IT अधिनियम 2000 के तहत हो सकती है। परिपत्र में अनुच्छेद 21 और NCPCR दिशानिर्देशों का हवाला है।
मुख्य तथ्य
- 1निदेशक, माध्यमिक शिक्षा का परिपत्र, दिनांक 16 अगस्त 2026
- 2प्रवेश केवल प्रधानाचार्य की पूर्व अनुमति से; ड्यूटी पर अधिकारी मुक्त
- 3फोटो, वीडियो, साक्षात्कार, लाइव स्ट्रीमिंग हेतु लिखित स्वीकृति
- 4BNS, POCSO, किशोर न्याय अधिनियम और IT अधिनियम में कार्रवाई संभव
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
प्रश्न उद्धृत बाल-संरक्षण कानूनों (POCSO 2012, किशोर न्याय अधिनियम 2015) या अनुच्छेद 21 में निजता के अधिकार (पुट्टास्वामी, 2017) पर आ सकता है।
स्थायी GK: न्यायमूर्ति के.एस. पुट्टास्वामी बनाम भारत संघ (24 अगस्त 2017) में सर्वोच्च न्यायालय की नौ-न्यायाधीश पीठ ने निजता को अनुच्छेद 21 के अंतर्गत मौलिक अधिकार माना।