राजस्थान मंत्रिमंडल ने वृक्ष (संरक्षण) विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी
20 अगस्त 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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वृक्ष (संरक्षण) विधेयक, 2026 का प्रारूप: खेजड़ी सहित 29 प्रजातियाँ संरक्षित; अवैध कटाई पर 1 वर्ष तक कैद या 1 लाख तक जुर्माना।
क्या हुआ
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह प्रारूप गैर-वन भूमि पर पेड़ों की अवैध कटाई रोकने के लिए मंजूर हुआ। सूची में खेजड़ी (राज्य वृक्ष), रोहिड़ा (राज्य पुष्प), बरगद, पीपल, लसोड़ा, तेंदू, महुआ, कैर और चिरोंजी सहित 29 प्रजातियाँ हैं। अपनी भूमि पर खड़ा ऐसा पेड़ काटने के लिए भी अधिकृत अधिकारी की पूर्व अनुमति लेनी होगी। अवैध कटाई संज्ञेय व जमानती अपराध होगी, जिसमें एक वर्ष तक कारावास, एक लाख रुपये तक जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। विधेयक 20 अगस्त से शुरू हुए विधानसभा सत्र में रखा गया।
मुख्य तथ्य
- 113 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में प्रारूप मंजूर
- 229 प्रजातियाँ: खेजड़ी, रोहिड़ा, बरगद, पीपल, महुआ, कैर आदि
- 3गैर-वन भूमि पर कटाई के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य
- 4सजा: 1 वर्ष तक कैद, 1 लाख रुपये तक जुर्माना या दोनों
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
प्रश्न संरक्षित प्रजातियों की संख्या (29), सजा के प्रावधान या विधेयक की स्थिति (मंत्रिमंडल-स्वीकृत प्रारूप, अभी अधिनियम नहीं) पर आ सकता है।
स्थायी GK: खेजड़ी (प्रोसोपिस सिनेरेरिया) को 1983 में राजस्थान का राज्य वृक्ष घोषित किया गया। 1730 में जोधपुर के पास खेजड़ली गाँव में अमृता देवी और 362 अन्य बिश्नोइयों ने खेजड़ी बचाने के लिए प्राण दिए।