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राष्ट्रीय · पर्यावरण

भारत ने रामसर नेटवर्क को 98 स्थलों तक बढ़ाया

2 फरवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

भारत में अब 98 रामसर स्थल; विश्व आर्द्रभूमि दिवस — 2 फरवरी (रामसर कन्वेंशन 1971)।

क्या हुआ

भारत ने अपने रामसर नेटवर्क का विस्तार कर 98 स्थल किए, इसकी चर्चा हुई। रामसर स्थल अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियाँ हैं, जिन्हें 1971 की रामसर संधि (ईरान के रामसर शहर में हस्ताक्षरित) के तहत मान्यता मिलती है। भारत में रामसर स्थलों की बढ़ती संख्या (एशिया में सर्वाधिक) आर्द्रभूमि संरक्षण की प्रतिबद्धता दर्शाती है। आर्द्रभूमियाँ जैव विविधता, प्रवासी पक्षियों, भूजल पुनर्भरण, बाढ़ नियंत्रण व कार्बन भंडारण के लिए महत्वपूर्ण हैं ('पृथ्वी के गुर्दे')। राजस्थान में केवलादेव (भरतपुर) व सांभर झील रामसर स्थल हैं। यह जैव विविधता संरक्षण, SDG व पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1भारत ने रामसर नेटवर्क 98 स्थल किया।
  2. 2रामसर — अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियाँ (1971)।
  3. 3भारत — एशिया में सर्वाधिक रामसर स्थल।
  4. 4आर्द्रभूमि — प्रवासी पक्षी, भूजल, बाढ़ नियंत्रण।
  5. 5राजस्थान — केवलादेव (भरतपुर), सांभर झील।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

रामसर स्थल, आर्द्रभूमि व विश्व आर्द्रभूमि दिवस पर्यावरण में महत्वपूर्ण हैं।

स्थायी GK: रामसर संधि — 1971 (रामसर, ईरान)। भारत — एशिया में सर्वाधिक रामसर स्थल। 'पृथ्वी के गुर्दे'। राजस्थान — केवलादेव, सांभर।

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