7 फरवरी 2026 · 7 February 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
मेघालय में रैट-होल खनन
Rat-hole mining in Meghalaya
रैट-होल खनन — संकरी सुरंगें खोदकर हाथ से कोयला निकालना; NGT द्वारा 2014 में प्रतिबंधित।
मुख्य तथ्य
- •मेघालय में रैट-होल (चूहा-बिल) खनन।
- •अवैज्ञानिक, खतरनाक कोयला खनन विधि।
- •NGT ने प्रतिबंध लगाया (2014); अवैध रूप से जारी।
- •श्रमिक सुरक्षा, बाल श्रम, जल प्रदूषण।
- •छठी अनुसूची — स्थानीय भूमि/खनिज अधिकार।
मेघालय में 'रैट-होल' (चूहा-बिल) खनन चर्चा में रहा। रैट-होल खनन कोयला निकालने की एक खतरनाक, अवैज्ञानिक व अनियमित विधि है, जिसमें श्रमिक संकरी सुरंगों ('चूहा-बिल') में घुसकर हाथ से कोयला खोदते हैं — यह श्रमिक सुरक्षा, बाल श्रम, जल प्रदूषण (अम्लीय जल निकासी) व पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने 2014 में इस पर प्रतिबंध लगाया, फिर भी यह अवैध रूप से जारी है (मेघालय में दुर्घटनाएँ/श्रमिक फँसना)। यह संविधान की छठी अनुसूची क्षेत्रों में भूमि/खनिज स्वामित्व के स्थानीय अधिकारों से भी जुड़ा है। यह सतत खनन, श्रमिक सुरक्षा व पर्यावरण से जुड़ा है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
रैट-होल खनन, NGT व कोयला खनन पर्यावरण में पूछे जाते हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
रैट-होल खनन — अवैज्ञानिक कोयला खनन; मेघालय। NGT प्रतिबंध (2014)। छठी अनुसूची — भूमि/खनिज अधिकार। श्रमिक सुरक्षा; जल प्रदूषण।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert