केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करना
25 फरवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
राज्य का नाम बदलना — अनुच्छेद 3 के तहत संसद द्वारा कानून; राष्ट्रपति की सिफारिश आवश्यक।
क्या हुआ
केरल का नाम बदलकर 'केरलम' (Keralam) करने की चर्चा हुई। केरल विधानसभा ने राज्य का आधिकारिक नाम (हिंदी/अंग्रेज़ी सहित संविधान में) 'केरल' से 'केरलम' करने हेतु केंद्र से प्रस्ताव पारित किया — 'केरलम' मलयालम में राज्य का मूल/स्थानीय नाम है। राज्य का नाम बदलने के लिए संसद द्वारा संविधान की पहली अनुसूची में संशोधन आवश्यक है (अनुच्छेद 3 के तहत संसद राज्यों के नाम/सीमा बदल सकती है)। यह भाषाई अस्मिता, संघवाद व संवैधानिक प्रक्रिया से जुड़ा है (पूर्व उदाहरण — उड़ीसा→ओडिशा, पॉन्डिचेरी→पुदुचेरी)। यह राजव्यवस्था व संघवाद से जुड़ा है। यह राजव्यवस्था से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1केरल का नाम बदलकर 'केरलम' का प्रस्ताव।
- 2'केरलम' — मलयालम में राज्य का मूल नाम।
- 3केरल विधानसभा का केंद्र को प्रस्ताव।
- 4संसद द्वारा पहली अनुसूची संशोधन (अनुच्छेद 3)।
- 5भाषाई अस्मिता; संघवाद; (उड़ीसा→ओडिशा)।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
अनुच्छेद 3, राज्य पुनर्गठन व नाम परिवर्तन राजव्यवस्था में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: केरल→केरलम — मलयालम मूल नाम। राज्य नाम-परिवर्तन — संसद द्वारा पहली अनुसूची संशोधन (अनुच्छेद 3)। उदाहरण — उड़ीसा→ओडिशा।