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राष्ट्रीय · अर्थव्यवस्था

राजस्व घाटा राज्य व राजकोषीय स्थिरता की चुनौती

1 मई 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

स्वर्णिम नियम — सरकार केवल पूंजीगत निवेश हेतु उधार ले, दैनिक उपभोग हेतु नहीं; 18 में से 9 बड़े राज्य राजस्व घाटे में।

क्या हुआ

राजस्व घाटे (revenue deficit) वाले राज्यों व राजकोषीय स्थिरता की चुनौती पर चर्चा हुई। राजस्व घाटा तब होता है जब सरकार का राजस्व व्यय उसकी राजस्व प्राप्तियों से अधिक हो — अर्थात सरकार दैनिक खर्च के लिए उधार ले रही है, न कि परिसंपत्ति निर्माण के लिए। 'गोल्डन रूल' का सिद्धांत कहता है कि सरकार को केवल पूँजीगत व्यय (निवेश) के लिए उधार लेना चाहिए, न कि उपभोग के लिए। उच्च राजस्व घाटा राजकोषीय अस्थिरता, ऋण-बोझ व विकास व्यय में कटौती का कारण बनता है। FRBM अधिनियम राजकोषीय अनुशासन के लक्ष्य तय करता है।

मुख्य तथ्य

  1. 1राजस्व घाटा वाले राज्यों की राजकोषीय चुनौती।
  2. 2राजस्व घाटा — दैनिक खर्च के लिए उधार।
  3. 3'गोल्डन रूल' — केवल पूँजीगत व्यय हेतु उधार।
  4. 4उच्च घाटा — ऋण-बोझ व विकास व्यय में कटौती।
  5. 5राजकोषीय अनुशासन — FRBM अधिनियम।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

राजस्व घाटा, स्वर्णिम नियम, FRBM व 16वां वित्त आयोग अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।

स्थायी GK: राजस्व घाटा — राजस्व व्यय > राजस्व प्राप्तियाँ। राजकोषीय घाटा — कुल व्यय > कुल प्राप्तियाँ (उधार छोड़कर)। गोल्डन रूल — केवल पूँजीगत व्यय हेतु उधार। FRBM अधिनियम 2003।

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