संशोधित स्टार्टअप मान्यता ढांचा
7 फरवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
संशोधित ढांचा — DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप हेतु पात्रता व लाभों का अद्यतन।
क्या हुआ
संशोधित स्टार्टअप मान्यता (recognition) ढाँचे की चर्चा हुई। उद्योग व आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) 'स्टार्टअप इंडिया' पहल के तहत पात्र स्टार्टअप्स को मान्यता देता है, जिससे उन्हें कर लाभ (3 वर्ष तक आयकर छूट), आसान अनुपालन, स्व-प्रमाणन, फंडिंग सहायता (फंड ऑफ फंड्स) व बौद्धिक संपदा लाभ मिलते हैं। संशोधित ढाँचा मान्यता मानदंड (आयु, टर्नओवर, नवाचार/स्केलेबिलिटी), आवेदन प्रक्रिया व पात्रता को अद्यतन करता है ताकि वास्तविक नवाचारी स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिले व दुरुपयोग रुके। भारत विश्व के सबसे बड़े स्टार्टअप व यूनिकॉर्न पारिस्थितिकी तंत्रों में है। यह उद्यमिता, नवाचार व रोज़गार सृजन से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1संशोधित स्टार्टअप मान्यता ढाँचा।
- 2DPIIT — स्टार्टअप इंडिया के तहत मान्यता।
- 3लाभ — कर छूट, स्व-प्रमाणन, फंड ऑफ फंड्स।
- 4मानदंड — आयु, टर्नओवर, नवाचार/स्केलेबिलिटी।
- 5भारत — विशाल स्टार्टअप/यूनिकॉर्न पारिस्थितिकी तंत्र।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
स्टार्टअप इंडिया, DPIIT व स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र अर्थव्यवस्था में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: DPIIT — स्टार्टअप इंडिया (2016)। मान्यता — कर छूट, स्व-प्रमाणन, फंड ऑफ फंड्स। भारत — तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र। यूनिकॉर्न।