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राष्ट्रीय · अर्थव्यवस्था

भारत का इलेक्ट्रिक वाहन तंत्र: चार्जिंग नेटवर्क, योजनाएँ और विनिर्माण

7 अगस्त 2026 · Raj Study संपादकीय टीम · सरकारी स्रोत से तथ्य मिलाए गए

याद रखें · एक पंक्ति में

PM E-DRIVE (₹10,900 करोड़, 29 सितंबर 2024 को अधिसूचित) अब 31 मार्च 2028 तक; जुलाई 2026 तक 52,718 सार्वजनिक EV चार्जिंग स्टेशन।

क्या हुआ

जुलाई 2026 तक भारत में 52,718 सार्वजनिक EV चार्जिंग स्टेशन थे, जिनमें 16,561 पर फास्ट चार्जिंग है। भारी उद्योग मंत्रालय की PM E-DRIVE योजना 29 सितंबर 2024 को ₹10,900 करोड़ के परिव्यय से अधिसूचित हुई और अब 31 मार्च 2028 तक चलेगी। इसका लक्ष्य 28 लाख से अधिक EV को सहायता देना है, जिनमें से जनवरी 2026 तक 22.12 लाख बिक चुके थे; 14,028 ई-बसों के लिए ₹4,391 करोड़ रखे गए हैं। उन्नत रसायन सेल (ACC) बैटरी की PLI योजना (₹18,100 करोड़) 50 GWh क्षमता का लक्ष्य रखती है।

मुख्य तथ्य

  1. 1जुलाई 2026: 52,718 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन, 16,561 पर फास्ट चार्जिंग
  2. 2PM E-DRIVE: 28 लाख+ EV लक्ष्य में से जनवरी 2026 तक 22.12 लाख बिके
  3. 3PM E-DRIVE में 14,028 ई-बसों के लिए ₹4,391 करोड़
  4. 4ACC बैटरी PLI: ₹18,100 करोड़ परिव्यय, 50 GWh क्षमता का लक्ष्य

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

PM E-DRIVE का पूरा नाम, परिव्यय व अवधि, या ACC बैटरी PLI का क्षमता लक्ष्य प्रश्न के रूप में पूछा जा सकता है।

स्थायी GK: PM E-DRIVE का पूरा नाम PM Electric Drive Revolution in Innovative Vehicle Enhancement है; इसकी अवधि उसी परिव्यय में 31 मार्च 2026 से बढ़ाकर 31 मार्च 2028 की गई, पर ई-दोपहिया और ई-तिपहिया सहायता 31 मार्च 2026 को समाप्त हो गई।

स्रोत: PIB (आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति)

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