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राष्ट्रीय · पर्यावरण

पारंपरिक आतिशबाज़ी के सुरक्षित विकल्प

24 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

ग्रीन क्रैकर्स — CSIR-NEERI विकसित; उत्सर्जन 30-35% कम; नियामक PESO (DPIIT)।

क्या हुआ

पारंपरिक आतिशबाज़ी (fireworks/पटाखों) के सुरक्षित विकल्पों की चर्चा हुई। पारंपरिक पटाखे वायु प्रदूषण (PM2.5, SO2, भारी धातुएँ), ध्वनि प्रदूषण व स्वास्थ्य समस्याओं (विशेषकर त्योहारों पर, दिल्ली-NCR में) का कारण बनते हैं। सुरक्षित विकल्पों में शामिल हैं — 'ग्रीन पटाखे' (CSIR-NEERI द्वारा विकसित, कम उत्सर्जन वाले), लेज़र/प्रकाश-शो, ड्रोन-शो व सामुदायिक उत्सव। सर्वोच्च न्यायालय ने प्रदूषणकारी पटाखों पर प्रतिबंध/नियमन के आदेश दिए हैं (बेरियम-आधारित पटाखों पर रोक)। यह वायु गुणवत्ता, सार्वजनिक स्वास्थ्य, पर्यावरण व जीवन के अधिकार (अनुच्छेद 21) के बीच संतुलन से जुड़ा है। यह पर्यावरण से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1पारंपरिक आतिशबाज़ी के सुरक्षित विकल्प।
  2. 2पटाखे — वायु/ध्वनि प्रदूषण व स्वास्थ्य समस्याएँ।
  3. 3ग्रीन पटाखे (CSIR-NEERI); लेज़र/ड्रोन-शो।
  4. 4SC के प्रतिबंध/नियमन आदेश (बेरियम)।
  5. 5वायु गुणवत्ता; सार्वजनिक स्वास्थ्य; अनुच्छेद 21।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

विस्फोटक अधिनियम, PESO, ग्रीन क्रैकर्स व अनुच्छेद 21 पर्यावरण में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: पटाखे — वायु/ध्वनि प्रदूषण (PM2.5, SO2)। ग्रीन पटाखे — CSIR-NEERI (कम उत्सर्जन)। SC प्रतिबंध (बेरियम)। अनुच्छेद 21।

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