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राष्ट्रीय · पर्यावरण

भारत का पहला सैटेलाइट-टैग गंगा सॉफ्ट-शेल कछुआ

16 मई 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

गंगा सॉफ्ट-शेल कछुआ — WPA अनुसूची I; IUCN: लुप्तप्राय; CITES परिशिष्ट I।

क्या हुआ

भारत के पहले उपग्रह-टैग किए गए गंगा सॉफ्टशेल कछुए (Ganges soft-shell turtle) की चर्चा हुई। गंगा सॉफ्टशेल कछुआ एक मीठे जल का कछुआ है जो गंगा व अन्य नदी प्रणालियों में पाया जाता है (वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 अनुसूची I; IUCN संकटग्रस्त)। उपग्रह-टैगिंग में जानवर पर एक छोटा ट्रांसमीटर लगाकर उसकी गति, प्रवास, आवास-उपयोग व व्यवहार को उपग्रह के माध्यम से रीयल-टाइम ट्रैक किया जाता है। यह संरक्षण रणनीति, आवास सुरक्षा, अवैध शिकार/तस्करी रोकथाम व नदी पारिस्थितिकी की समझ बढ़ाता है। यह नमामि गंगे व जैव विविधता संरक्षण से जुड़ा है। यह पर्यावरण व विज्ञान से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1भारत का पहला उपग्रह-टैग गंगा सॉफ्टशेल कछुआ।
  2. 2मीठे जल का कछुआ; गंगा नदी प्रणाली।
  3. 3उपग्रह-टैगिंग — गति/प्रवास/आवास ट्रैकिंग।
  4. 4WPA 1972 अनुसूची I; IUCN संकटग्रस्त।
  5. 5नमामि गंगे; जैव विविधता संरक्षण।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

संरक्षण स्थिति, WPA अनुसूचियां व काज़ीरंगा पर्यावरण में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: गंगा सॉफ्टशेल कछुआ — मीठे जल; WPA 1972 अनुसूची I; IUCN संकटग्रस्त। उपग्रह-टैगिंग — गति/प्रवास ट्रैकिंग। नमामि गंगे।

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