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राष्ट्रीय · पर्यावरण

सेव ओरण पदयात्रा

31 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

ओरण भूमि को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कराने हेतु 725 किमी लंबी पदयात्रा 21 जनवरी 2026 से शुरू हुई।

क्या हुआ

ओरण भूमि को राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराने के उद्देश्य से 725 किमी लंबी सेव ओरण पदयात्रा 21 जनवरी 2026 को जैसलमेर के शक्तिपीठ तनोट माता मंदिर से शुरू होकर जयपुर विधानसभा पहुँचेगी।

मुख्य तथ्य

  1. 1दूरी: 725 किमी
  2. 2आरंभ: तनोट माता मंदिर, जैसलमेर (21 जनवरी 2026)
  3. 3गंतव्य: जयपुर विधानसभा; उद्देश्य ओरण भूमि का राजस्व पंजीकरण

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

ओरण की अवधारणा और पदयात्रा के आरंभ स्थल याद रखें।

स्थायी GK: ओरण राजस्थान में देवताओं को समर्पित पवित्र उपवन (सेक्रेड ग्रोव) हैं।

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