SC ने RPwD अधिनियम 2016 में एसिड हमला पीड़ितों की परिभाषा विस्तृत की
7 मई 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
RPwD अधिनियम 2016 — 21 दिव्यांगता श्रेणियां; SC ने अनुच्छेद 142 से 'मानित संशोधन' किया।
क्या हुआ
सर्वोच्च न्यायालय ने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम (RPwD), 2016 के तहत अम्ल हमले (एसिड अटैक) के पीड़ितों की परिभाषा का विस्तार किया। RPwD अधिनियम 2016 अम्ल हमले के पीड़ितों को 'बेंचमार्क दिव्यांगता' की श्रेणी में मान्यता देता है, जिससे उन्हें आरक्षण, रियायतें व कल्याण लाभ मिलते हैं। SC ने व्यापक व समावेशी व्याख्या अपनाते हुए पीड़ितों के अधिकारों, मुआवज़े, पुनर्वास व सम्मानपूर्ण जीवन (अनुच्छेद 21) सुनिश्चित किया। यह सामाजिक न्याय व दिव्यांग सशक्तीकरण से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1SC ने RPwD अधिनियम 2016 में अम्ल हमला पीड़ित की परिभाषा बढ़ाई।
- 2RPwD 2016 — 21 दिव्यांगताएँ; बेंचमार्क दिव्यांगता।
- 3अम्ल हमला पीड़ित — आरक्षण व कल्याण लाभ।
- 4मुआवज़ा, पुनर्वास, सम्मानपूर्ण जीवन (अनुच्छेद 21)।
- 5सामाजिक न्याय व दिव्यांग सशक्तीकरण।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
RPwD अधिनियम, अनुच्छेद 142, BNS व NALSA राजव्यवस्था/सामाजिक न्याय में महत्वपूर्ण हैं।
स्थायी GK: RPwD अधिनियम 2016 — 21 दिव्यांगताएँ; बेंचमार्क दिव्यांगता (40%+)। अम्ल हमला पीड़ित — मान्यता प्राप्त। अनुच्छेद 41 (DPSP); अनुच्छेद 21।