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13 मार्च 2026 · 13 March 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण

SC ने OBC क्रीमी लेयर मानदंड स्पष्ट किए

SC clarifies OBC creamy layer criteria

क्रीमी लेयर — OBC के संपन्न वर्ग जिन्हें आरक्षण से बाहर रखा जाता है; इंदिरा साहनी (1992) से।

मुख्य तथ्य

  • SC ने OBC क्रीमी लेयर मानदंड स्पष्ट किए।
  • क्रीमी लेयर — संपन्न OBC को आरक्षण से बाहर।
  • इंद्रा साहनी वाद (1992)।
  • आय सीमा ₹8 लाख/वर्ष (संशोधित)।
  • वेतन/कृषि आय की गणना के नियम।
सर्वोच्च न्यायालय ने OBC 'क्रीमी लेयर' मानदंड स्पष्ट किए। क्रीमी लेयर वे संपन्न OBC व्यक्ति हैं जिन्हें आरक्षण लाभ से बाहर रखा जाता है, ताकि लाभ वास्तव में पिछड़े लोगों तक पहुँचे। यह अवधारणा इंद्रा साहनी वाद (1992) में लागू हुई। क्रीमी लेयर का निर्धारण आय/संपत्ति सीमा (वर्तमान में ₹8 लाख वार्षिक पारिवारिक आय, समय-समय पर संशोधित) तथा माता-पिता के पद के आधार पर होता है। SC ने स्पष्ट किया कि वेतन/कृषि आय की गणना के नियम क्या हैं। यह सामाजिक न्याय व आरक्षण की लक्षित प्रकृति से जुड़ा है।

🎯 परीक्षा में कैसे आएगा

क्रीमी लेयर, इंदिरा साहनी फैसला व OBC आरक्षण राजव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।

📚 संबंधित स्थायी GK

क्रीमी लेयर — इंद्रा साहनी (1992)। आय सीमा ₹8 लाख/वर्ष (संशोधित)। वेतन/कृषि आय को छोड़कर गणना। OBC आरक्षण।

✨ RajAI— RAS Prelims Expert

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