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राष्ट्रीय · पर्यावरण

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) नियम, 2026

29 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

SWM नियम 2026 — 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी; 2016 नियमों का स्थान; अपशिष्ट पृथक्करण व प्रसंस्करण को सख्त करना।

क्या हुआ

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) नियम, 2026 की चर्चा हुई। ये नियम पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 के तहत शहरी/ग्रामीण ठोस कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन को नियंत्रित करते हैं — स्रोत पर पृथक्करण (गीला/सूखा/घातक), संग्रहण, प्रसंस्करण, कम्पोस्टिंग, अपशिष्ट-से-ऊर्जा व वैज्ञानिक लैंडफिल। ये विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (EPR), 'अपशिष्ट से धन' व चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देते हैं, तथा डंपिंग व प्रदूषण को रोकते हैं। यह स्वच्छ भारत मिशन, शहरी स्वच्छता व सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा है। स्थानीय निकाय (नगरपालिका) इनके कार्यान्वयन के लिए ज़िम्मेदार हैं।

मुख्य तथ्य

  1. 1ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) नियम, 2026।
  2. 2स्रोत पर पृथक्करण (गीला/सूखा/घातक)।
  3. 3प्रसंस्करण, कम्पोस्टिंग, अपशिष्ट-से-ऊर्जा।
  4. 4EPR; 'अपशिष्ट से धन'; चक्रीय अर्थव्यवस्था।
  5. 5स्वच्छ भारत मिशन; स्थानीय निकाय कार्यान्वयन।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

SWM नियम, अपशिष्ट पृथक्करण व EPR पर्यावरण में महत्वपूर्ण हैं।

स्थायी GK: SWM नियम — पर्यावरण अधिनियम 1986। स्रोत पृथक्करण; अपशिष्ट-से-ऊर्जा। EPR; चक्रीय अर्थव्यवस्था। स्वच्छ भारत मिशन।

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