मुख्य सामग्री पर जाएं
राजस्थान

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 — राजस्थान में 1 अप्रैल से लागू

25 सितंबर 2026 · Raj Study संपादकीय टीम · सरकारी स्रोत से तथ्य मिलाए गए

याद रखें · एक पंक्ति में

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के तहत 1 अप्रैल से चार-धारा पृथक्करण, डिजिटल निगरानी और प्रदूषक भुगतान सिद्धांत लागू होगा।

क्या हुआ

25 सितम्बर को राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल और प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 की जानकारी दी। 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी इन नियमों में गीले, सूखे, स्वच्छता संबंधी और विशेष खतरनाक कचरे का स्रोत पर पृथक्करण अनिवार्य होगा। थोक अपशिष्ट उत्पादकों—बड़े आवासीय परिसर, होटल, संस्थानों—को परिसर में ही कम्पोस्टिंग या जैव-मीथेनीकरण करना होगा। ऑनलाइन निगरानी व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी। प्रदूषक भुगतान सिद्धांत के तहत उल्लंघन पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगेगी। राज्य स्तरीय निगरानी समिति गठित की गई है और 29 मई, 2026 को लगभग 600 प्रतिभागियों के साथ क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। सभी शहरी निकायों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।

मुख्य तथ्य

  1. 1ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 राजस्थान में 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होंगे।
  2. 2गीले, सूखे, स्वच्छता संबंधी और विशेष खतरनाक कचरे का चार-धारा पृथक्करण अनिवार्य होगा।
  3. 3थोक अपशिष्ट उत्पादकों को परिसर में कम्पोस्टिंग या जैव-मीथेनीकरण करना होगा।
  4. 429 मई, 2026 को लगभग 600 प्रतिभागियों के साथ क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की गई।
  5. 5प्रदूषक भुगतान सिद्धांत के तहत उल्लंघन पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाई जाएगी।
  6. 6सभी शहरी स्थानीय निकायों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
स्थायी GK: ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत अधिसूचित किए गए थे।

स्रोत: DIPR राजस्थान (आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति)

इसी विषय पर और