स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्टेम-सेल थेरेपी को विनियमित करने हेतु परामर्श जारी किया
19 सितंबर 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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स्वास्थ्य मंत्रालय ने भारत में स्टेम-सेल थेरेपी के उपयोग पर नियम सख्त किए।
क्या हुआ
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने भारत में स्टेम-सेल थेरेपी के उपयोग को विनियमित करने हेतु एक परामर्श जारी किया, जिसमें इसके नैदानिक उपयोग को मंत्रालय द्वारा अनुमोदित विशिष्ट चिकित्सा स्थितियों तक सीमित किया गया है। विशेष रूप से, यह परामर्श ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर के लिए स्टेम-सेल थेरेपी के उपयोग को सख्ती से अनुमोदित क्लीनिकल ट्रायल तक सीमित करता है, जो वाणिज्यिक रूप से पेश किए जा रहे अप्रमाणित और संभावित रूप से असुरक्षित स्टेम-सेल उपचारों पर चिंताओं को संबोधित करता है। यह कदम भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के स्टेम-सेल अनुसंधान एवं चिकित्सा संबंधी मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य रोगियों को अनियमित और वैज्ञानिक रूप से असत्यापित प्रक्रियाओं से बचाना है।
मुख्य तथ्य
- 1स्टेम-सेल थेरेपी मंत्रालय-अनुमोदित स्थितियों तक सीमित
- 2ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर हेतु उपयोग सख्ती से क्लीनिकल ट्रायल तक सीमित
- 3ICMR के मौजूदा स्टेम-सेल दिशानिर्देशों के अनुरूप
- 4अप्रमाणित वाणिज्यिक स्टेम-सेल उपचारों पर अंकुश हेतु
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
स्वास्थ्य क्षेत्र विनियमन और ICMR दिशानिर्देश आरएएस प्रारंभिक के लिए प्रासंगिक विज्ञान-नीति विषय हैं।
स्थायी GK: ICMR (भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद) भारत की जैव चिकित्सा अनुसंधान हेतु शीर्ष संस्था है।