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26 अगस्त 2026 · 26 August 2026अर्थव्यवस्था⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण

भारतीय चीनी क्षेत्र की संरचनात्मक समस्याएं

Structural Issues in India's Sugar Sector

चीनी क्षेत्र को FRP-SAP असमानता, जल-गहन खेती और पुरानी तकनीक से सुधार की आवश्यकता है।

मुख्य तथ्य

  • गन्ने की लागत में FRP और SAP का हिस्सा 65-75% है
  • महाराष्ट्र और कर्नाटक में अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में भूजल ह्रास की समस्या
  • निरंतर गन्ना खेती से मिट्टी में लवणता और क्षारीयता की समस्या
  • भारतीय चीनी मिलें छोटी क्षमता और पुरानी मशीनरी से ग्रस्त हैं
भारत की चीनी क्षेत्र की मुख्य संरचनात्मक कमजोरियां हैं: (1) न्यायसंगत पुरस्कार मूल्य (FRP) और राज्य सलाह मूल्य (SAP) में असमानता जो गन्ने के लागत का 65-75% है; (2) महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में अत्यधिक जल-गहन खेती जिससे भूजल क्षय होता है; (3) निरंतर गन्ना खेती से मिट्टी की गुणवत्ता में गिरावट; (4) छोटी क्षमता वाली पुरानी चीनी मिलें जो वैश्विक प्रतिस्पर्धा को प्रभावित करती हैं; (5) ईंधन-खाद्य सुरक्षा का व्यापार-बंद जब कम उत्पादन के दौरान इथेनॉल के लिए गन्ना डाला जाता है। ये मुद्दे दीर्घकालिक सुधार की मांग करते हैं।

🎯 परीक्षा में कैसे आएगा

RAS के लिए कृषि नीति, पर्यावरणीय स्थिरता और आर्थिक दक्षता का संतुलन समझना महत्वपूर्ण।

📚 संबंधित स्थायी GK

रंगराजन समिति (2012) ने गन्ने के मूल्य को चीनी और उप-उत्पादों के बाजार मूल्य से जोड़ने की सिफारिश की थी।

✨ RajAI— RAS Prelims Expert

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