सुबनसिरी लोअर जलविद्युत परियोजना: यूनिट-2 का वाणिज्यिक परिचालन शुरू
22 दिसंबर 2025 · Raj Study संपादकीय टीम
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दिसंबर 2025 में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने देश की सबसे बड़ी 2000 मेगावाट सुबनसिरी लोअर जलविद्युत परियोजना की यूनिट-2 (250 मेगावाट) का वाणिज्यिक परिचालन शुरू किया।
क्या हुआ
यह परियोजना 'रन-ऑफ-द-रिवर' मॉडल पर आधारित है और अरुणाचल प्रदेश-असम सीमा पर उत्तरी लखीमपुर में स्थित है। पूर्ण होने पर इसकी कुल क्षमता 250-250 मेगावाट की 8 इकाइयों से मिलकर 2000 मेगावाट होगी, जो इसे भारत की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना बनाती है।
मुख्य तथ्य
- 1परियोजना की कुल क्षमता 2000 मेगावाट है, जिसमें 250-250 मेगावाट की 8 इकाइयां हैं — यह भारत की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना है।
- 2यह एक 'रन-ऑफ-द-रिवर' परियोजना है, जो अरुणाचल प्रदेश-असम सीमा पर उत्तरी लखीमपुर में स्थित है।
- 3सुबनसिरी नदी ब्रह्मपुत्र की एक प्रमुख सहायक नदी है।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
GS-1 भौतिक भूगोल (ब्रह्मपुत्र अपवाह तंत्र) और GS-3 ऊर्जा दोनों के लिए उपयोगी — पूर्वोत्तर की जलविद्युत क्षमता पर प्रश्न संभव।
स्थायी GK: 'रन-ऑफ-द-रिवर' परियोजनाएं नदी के प्राकृतिक प्रवाह का उपयोग करती हैं और बड़े जलाशयों की तुलना में इनका पारिस्थितिक प्रभाव कम होता है।