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राष्ट्रीय · राजव्यवस्था

लोकसभा में मूल प्रस्ताव (सब्सटेंटिव मोशन)

16 फरवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

मूल प्रस्ताव — एक स्व-निहित स्वतंत्र प्रस्ताव; जैसे न्यायाधीश को हटाने या राष्ट्रपति महाभियोग का प्रस्ताव।

क्या हुआ

लोकसभा में 'मूल प्रस्ताव' (Substantive Motion) की चर्चा हुई। संसदीय प्रक्रिया में 'प्रस्ताव' (motion) सदन के समक्ष किसी विषय पर निर्णय/राय लेने का औपचारिक प्रस्ताव है। 'मूल प्रस्ताव' (substantive motion) एक स्वतंत्र, स्व-निहित (self-contained) प्रस्ताव है जो किसी महत्वपूर्ण मामले पर सदन की राय व्यक्त करता है (जैसे — राष्ट्रपति/न्यायाधीशों को हटाने का प्रस्ताव, धन्यवाद प्रस्ताव)। यह 'सहायक/अधीनस्थ प्रस्ताव' (जैसे संशोधन, स्थगन) से भिन्न होता है। प्रस्तावों के अन्य प्रकार — स्थानापन्न प्रस्ताव, अधीनस्थ प्रस्ताव। ये संसदीय बहस, जवाबदेही व विधायी प्रक्रिया के उपकरण हैं। यह राजव्यवस्था व संसदीय प्रक्रिया से जुड़ा है। यह राजव्यवस्था से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1लोकसभा में मूल प्रस्ताव (Substantive Motion)।
  2. 2प्रस्ताव — सदन के समक्ष निर्णय/राय हेतु औपचारिक प्रस्ताव।
  3. 3मूल प्रस्ताव — स्वतंत्र, स्व-निहित।
  4. 4उदाहरण — हटाने का प्रस्ताव, धन्यवाद प्रस्ताव।
  5. 5सहायक/अधीनस्थ प्रस्ताव से भिन्न; संसदीय जवाबदेही।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

संसदीय प्रस्ताव, अविश्वास प्रस्ताव व महाभियोग राजव्यवस्था में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: मूल प्रस्ताव — स्वतंत्र, स्व-निहित; महत्वपूर्ण मामले पर सदन की राय (हटाने का प्रस्ताव, धन्यवाद प्रस्ताव)। सहायक/अधीनस्थ प्रस्ताव से भिन्न।

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